समाचार स्रोत-दैनिक भास्कर
प्रकाशन तिथि-01:41(18/12/10)
नागौर। कुचेरा के सपूत शहीद बीरमाराम मेघवाल की मूर्ति का अनावरण पुलिस थाने के पास 25 दिसम्बर को सुबह ११ बजे शिक्षा मंत्री मास्टर भंवर लाल करेंगे। समारोह में राजस्व मंत्री हेमाराम चौधरी, पर्यटन राज्य मंत्री राजेन्द्र सिंह गुढ़ा, सांसद ज्योति मिर्धा, विधायक हनुमान बेनीवाल और कलेक्टर भी मौजूद रहेंगे।
Link- http://www.bhaskar.com/article/RAJ-OTH-1058678-1663686.html
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शनिवार, 18 दिसंबर 2010
गुरुवार, 16 दिसंबर 2010
शिक्षामंत्री राष्ट्रीय गौरव पुरस्कार से सम्मानित
साभार- सूचना एवं जनसंपर्क विभाग,राजस्थान
प्रेस नोट
नई दिल्ली,14 दिसम्बर। शिक्षा मंत्री मास्टर भंवर लाल मेघवाल को राष्ट्रीय गौरव पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। मेघवाल को यह पुरस्कार शिक्षा के क्षेत्र में उनके द्वारा किए गए उल्लेखनीय कार्यो के लिए प्रदान किया गया है।
मेघवाल को यह पुरस्कार मंगलवार की सांय नई दिल्ली के कांस्ट्टीयूशन क्लब में इंडिया इंटरनेशनल फ्रैंडशिप सोसाईटी द्वारा आयोजित एक समारोह में प्रदान किया गया। मेघवाल को यह पुरस्कार पूर्व केन्द्रीय मंत्री एवं राज्यपाल श्री भीष्म नारायण सिंह ने प्रदान किया। इस अवसर पर सांसद डॉं. प्रभा ठाकुर भी उपस्थित थी। इस अवसर पर मेघवाल ने बताया कि शिक्षा क्षेत्र को बेहतर बनाने के लिए प्रदेश में शिक्षा विभाग में 27 हजार कार्मिकों की रिकार्ड पदोन्नति की गई। उन्होंने बताया कि राजस्थान में विद्यालयों का एकीकरण करने के लिए 2498 विद्यालयों को अन्य विद्यालयों में मर्ज किया गया। उन्होंने बताया कि शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए 13 हजार 300 पदों की भर्ती प्रक्रिया आर.पी.एस.सी. स्तर पर प्रक्रियाधीन है। इसके अतिरिक्त कुल 25 हजार 271 शिक्षकों का समानीकरण किया गया है। मेघवाल ने बताया कि प्रदेश में शिक्षा का स्तर प्रभावी बनाने के लिए शैक्षणिक सत्र 2010-2011 से ही कक्षा नवीं एवं ग्यारहवीं में एन.सी.ई.आर.टी. का पाठ्यक्रम लागू कर दिया गया है। इसके अतिरिक्त आगामी सत्र में यह पाठ्यक्रम कक्षा छठी से बारहवीं तक लागू कर दिया जाएगा।
Link- http://dipronline.org/photo/40526N-14-12-M2010-12_web.htm
प्रेस नोट
नई दिल्ली,14 दिसम्बर। शिक्षा मंत्री मास्टर भंवर लाल मेघवाल को राष्ट्रीय गौरव पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। मेघवाल को यह पुरस्कार शिक्षा के क्षेत्र में उनके द्वारा किए गए उल्लेखनीय कार्यो के लिए प्रदान किया गया है।
मेघवाल को यह पुरस्कार मंगलवार की सांय नई दिल्ली के कांस्ट्टीयूशन क्लब में इंडिया इंटरनेशनल फ्रैंडशिप सोसाईटी द्वारा आयोजित एक समारोह में प्रदान किया गया। मेघवाल को यह पुरस्कार पूर्व केन्द्रीय मंत्री एवं राज्यपाल श्री भीष्म नारायण सिंह ने प्रदान किया। इस अवसर पर सांसद डॉं. प्रभा ठाकुर भी उपस्थित थी। इस अवसर पर मेघवाल ने बताया कि शिक्षा क्षेत्र को बेहतर बनाने के लिए प्रदेश में शिक्षा विभाग में 27 हजार कार्मिकों की रिकार्ड पदोन्नति की गई। उन्होंने बताया कि राजस्थान में विद्यालयों का एकीकरण करने के लिए 2498 विद्यालयों को अन्य विद्यालयों में मर्ज किया गया। उन्होंने बताया कि शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए 13 हजार 300 पदों की भर्ती प्रक्रिया आर.पी.एस.सी. स्तर पर प्रक्रियाधीन है। इसके अतिरिक्त कुल 25 हजार 271 शिक्षकों का समानीकरण किया गया है। मेघवाल ने बताया कि प्रदेश में शिक्षा का स्तर प्रभावी बनाने के लिए शैक्षणिक सत्र 2010-2011 से ही कक्षा नवीं एवं ग्यारहवीं में एन.सी.ई.आर.टी. का पाठ्यक्रम लागू कर दिया गया है। इसके अतिरिक्त आगामी सत्र में यह पाठ्यक्रम कक्षा छठी से बारहवीं तक लागू कर दिया जाएगा।
Link- http://dipronline.org/photo/40526N-14-12-M2010-12_web.htm
सोमवार, 13 दिसंबर 2010
मेघवाल समाज की बैठक आयोजित
समाचार स्रोत-दैनिक भास्कर
प्रकाशन तिथि- 01:40(13/12/10)
डूंगरपुर|मेघवाल समाज कर्मचारी संगठन परगना डूंगरपुर की बैठक समाज के छात्रावास में रविवार को हुई। बैठक को नारायणशंकर भेहणा, कारीलाल करौली, मोहनलाल माथुगामड़ा, रामजी फलोज, हाकरचंद कनबा, रामचंद्र दामड़ी ने संबोधित किया। संचालन धनप्रकाश पुनाली ने किया।
Link- http://www.bhaskar.com/article/RAJ-OTH-1044937-1645477.html
प्रकाशन तिथि- 01:40(13/12/10)
डूंगरपुर|मेघवाल समाज कर्मचारी संगठन परगना डूंगरपुर की बैठक समाज के छात्रावास में रविवार को हुई। बैठक को नारायणशंकर भेहणा, कारीलाल करौली, मोहनलाल माथुगामड़ा, रामजी फलोज, हाकरचंद कनबा, रामचंद्र दामड़ी ने संबोधित किया। संचालन धनप्रकाश पुनाली ने किया।
Link- http://www.bhaskar.com/article/RAJ-OTH-1044937-1645477.html
गुरुवार, 9 दिसंबर 2010
मेघवाल समाज सम्मेलन हुआ
साभार-दैनिक भास्कर
01:25(07/12/10)
रानी। निकटवर्ती चांचोड़ी गांव में सोमवार को मेघवाल समाज का सम्मेलन हुआ। सम्मेलन के अध्यक्ष विजयराज बावल व मुख्य अतिथि वालाराम सोलंकी संयुक्त निदेशक कृषि थे।
इस मौके पर बावल ने सामाजिक संगठन मजबूत करने व शिक्षा को पूर्णत अपनाने पर जोर दिया। उन्होंने समाज में व्याप्त कुरीतियों व अंधविश्वास को मिटाने की आवश्यकता जताई। सोलंकी ने कहा कि समाज सुधार के साथ ही एकीकरण की सख्त जरूरत है। उन्होंने रानी में समाज भवन एवं छात्रावास निर्माण के लिए 50 हजार रुपए देने की घोषणा की।
इस मौके पर आयोजक हकाराम चौहान व स्थानीय मेघवाल समाज का अतिथियों ने आभार जताया। कार्यक्रम में मंछाराम, ढलाराम, मांगीलाल, लक्ष्मण चौहान, छोगाराम, हरीराम भाटी, डायाराम, मांगीलाल, छोगाराम, वजाराम सहित बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित थे।
Link- http://www.bhaskar.com/article/RAJ-OTH-1029234-1624213.html
01:25(07/12/10)
रानी। निकटवर्ती चांचोड़ी गांव में सोमवार को मेघवाल समाज का सम्मेलन हुआ। सम्मेलन के अध्यक्ष विजयराज बावल व मुख्य अतिथि वालाराम सोलंकी संयुक्त निदेशक कृषि थे।
इस मौके पर बावल ने सामाजिक संगठन मजबूत करने व शिक्षा को पूर्णत अपनाने पर जोर दिया। उन्होंने समाज में व्याप्त कुरीतियों व अंधविश्वास को मिटाने की आवश्यकता जताई। सोलंकी ने कहा कि समाज सुधार के साथ ही एकीकरण की सख्त जरूरत है। उन्होंने रानी में समाज भवन एवं छात्रावास निर्माण के लिए 50 हजार रुपए देने की घोषणा की।
इस मौके पर आयोजक हकाराम चौहान व स्थानीय मेघवाल समाज का अतिथियों ने आभार जताया। कार्यक्रम में मंछाराम, ढलाराम, मांगीलाल, लक्ष्मण चौहान, छोगाराम, हरीराम भाटी, डायाराम, मांगीलाल, छोगाराम, वजाराम सहित बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित थे।
Link- http://www.bhaskar.com/article/RAJ-OTH-1029234-1624213.html
कुरीतियां निवारण आंदोलन’ का वार्षिक सम्मेलन 25 को
मेघवंशीय समाज चेतना संस्थान की बैठक
साभार-chhotikashi.com
बीकानेर, 4 दिसम्बर। मेघवंशीय समाज चेतना संस्थान के बीकानेर जिले की कार्यकारिणी के सदस्यों की बैठक जिलाध्यक्ष खेताराम सार्दुल की अध्यक्षता में नत्थूसर बास में सम्पन्न हुई। बैठक में समाज में व्याप्त कुरीतियों के निवारण की विस्तार से चर्चा की गई।
सभा में आगामी 25 दिसम्बर को टाऊन हॉल में दोपहर साढे ग्यारह बजे ‘कुरीतियां निवारण आंदोलन’ का वार्षिक सम्मेलन आयोजित करने के फैसले से सभी को अवगत करवाया गया। साथ ही वार्षिक सम्मेलन को किस-प्रकार से सफल बनाया जाए इस पर भी विस्तार से चर्चा की गई। जिसमें लूणकरणसर तथा श्रीडूंगरगढ़ तहसील में खेताराम सार्दुल एवं हरी भाई मेघवंशी, नोखा तहसील में चेतनराम लेखाला एवं जुगल हाटीला, बीकानेर शहर के लिए मगनलाल पंवार तथा उदासर के पूर्व सरपंच रामस्वरुप जयपाल को बीकानेर के आस-पास के गांव, कानाराम धुंधरवाल को खाजूवाला तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मदनगोपाल मेघवाल को श्रीकोलायत तहसील के क्षेत्रों में वार्षिक सम्मेलन को सफल बनाने के लिए प्रचार-प्रसार की जिम्मेदारी सौंपी गई है। संस्थान की प्राप्त विज्ञप्ति में प्रदेश प्रवक्ता मनोज भद्रवाल ने बताया कि बीकानेर जिले के मेघवाल समाज ने गत वर्ष 27 दिसम्बर को एक महासम्मेलन का आयोजन करके मृत्युभोज त्यागने का सामूहिक संकल्प मेघवंशीय समाज चेतना संस्थान के बैनर तले किया था। इस ऐतिहासिक सम्मेलन की सफलता के उपरान्त संस्थान समाज में व्याप्त अन्य कुरीतियों को मिटाने में भी अपना योगदान करना चाहता है। मदन गोपाल मेघवाल ने बताया कि समाज में व्याप्त कुरीतियां जैसे दहेज प्रथा, नशा प्रवृत्ति बाल विवाह, विवाह समारोह आदि में होने वाली फिजूलखर्ची से भी समाज को बचाना होगा जिसके लिए संस्थान जल्द ही इस पर एक सम्मेलन का आयोजन करेगा।
Link- http://chhotikashi.com/?p=20277
साभार-chhotikashi.com
बीकानेर, 4 दिसम्बर। मेघवंशीय समाज चेतना संस्थान के बीकानेर जिले की कार्यकारिणी के सदस्यों की बैठक जिलाध्यक्ष खेताराम सार्दुल की अध्यक्षता में नत्थूसर बास में सम्पन्न हुई। बैठक में समाज में व्याप्त कुरीतियों के निवारण की विस्तार से चर्चा की गई।
सभा में आगामी 25 दिसम्बर को टाऊन हॉल में दोपहर साढे ग्यारह बजे ‘कुरीतियां निवारण आंदोलन’ का वार्षिक सम्मेलन आयोजित करने के फैसले से सभी को अवगत करवाया गया। साथ ही वार्षिक सम्मेलन को किस-प्रकार से सफल बनाया जाए इस पर भी विस्तार से चर्चा की गई। जिसमें लूणकरणसर तथा श्रीडूंगरगढ़ तहसील में खेताराम सार्दुल एवं हरी भाई मेघवंशी, नोखा तहसील में चेतनराम लेखाला एवं जुगल हाटीला, बीकानेर शहर के लिए मगनलाल पंवार तथा उदासर के पूर्व सरपंच रामस्वरुप जयपाल को बीकानेर के आस-पास के गांव, कानाराम धुंधरवाल को खाजूवाला तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मदनगोपाल मेघवाल को श्रीकोलायत तहसील के क्षेत्रों में वार्षिक सम्मेलन को सफल बनाने के लिए प्रचार-प्रसार की जिम्मेदारी सौंपी गई है। संस्थान की प्राप्त विज्ञप्ति में प्रदेश प्रवक्ता मनोज भद्रवाल ने बताया कि बीकानेर जिले के मेघवाल समाज ने गत वर्ष 27 दिसम्बर को एक महासम्मेलन का आयोजन करके मृत्युभोज त्यागने का सामूहिक संकल्प मेघवंशीय समाज चेतना संस्थान के बैनर तले किया था। इस ऐतिहासिक सम्मेलन की सफलता के उपरान्त संस्थान समाज में व्याप्त अन्य कुरीतियों को मिटाने में भी अपना योगदान करना चाहता है। मदन गोपाल मेघवाल ने बताया कि समाज में व्याप्त कुरीतियां जैसे दहेज प्रथा, नशा प्रवृत्ति बाल विवाह, विवाह समारोह आदि में होने वाली फिजूलखर्ची से भी समाज को बचाना होगा जिसके लिए संस्थान जल्द ही इस पर एक सम्मेलन का आयोजन करेगा।
Link- http://chhotikashi.com/?p=20277
बुधवार, 8 दिसंबर 2010
मेघवाल संघर्ष समिति की बैठक
साभार-दैनिक भास्कर
01:16(07/12/10)
शिवगंज। मेघवाल संघर्ष समिति खुणी परगना शिवगंज की साधारण बैठक आईनाथ मंदिर परिसर में परगना के अध्यक्ष मांगीलाल राठौड़ की अध्यक्षता में हुई। बैठक में खुणी परगना की नई कार्यकारिणी बनाने एवं समाज को एकसूत्र में बांधने के लिए पूरे परगने में अभियान चलाने का विचार-विमर्श किया गया। बैठक के समापन पूर्व परगना अध्यक्ष राठौड़ ने सभी जनों का आभार जताया।
Link- http://www.bhaskar.com/article/RAJ-OTH-1029617-1623904.html
01:16(07/12/10)
शिवगंज। मेघवाल संघर्ष समिति खुणी परगना शिवगंज की साधारण बैठक आईनाथ मंदिर परिसर में परगना के अध्यक्ष मांगीलाल राठौड़ की अध्यक्षता में हुई। बैठक में खुणी परगना की नई कार्यकारिणी बनाने एवं समाज को एकसूत्र में बांधने के लिए पूरे परगने में अभियान चलाने का विचार-विमर्श किया गया। बैठक के समापन पूर्व परगना अध्यक्ष राठौड़ ने सभी जनों का आभार जताया।
Link- http://www.bhaskar.com/article/RAJ-OTH-1029617-1623904.html
मंगलवार, 7 दिसंबर 2010
संत-महात्माओं के संदेश समाज को मजबूती प्रदान करते हैं-सूचना एवं जन सम्पर्क राज्य मंत्री
साभार- सूचना एवं जनसंपर्क विभाग,राजस्थान
प्रेस नोट
जयपुर,7 दिसम्बर। सूचना एवं जन सम्पर्क राज्य मंत्री श्री अशोक बैरवा ने आव्हान किया है कि संत-महात्माओं द्वारा दिए गए संदेश को जीवन में धारण करते हुए समाज में समरसता के सूत्रों को और मजबूती दें। उन्होंने कहा कि लोक अंचल के मेले-पर्व समाज को प्रेम-भाईचारे की डोर मेंं बांधने मैं अहम भूमिका निभाते हैं।
श्री बैरवा सोमवार की रात्रि को पाली जिले के नाडोल में बाल तपस्विनी श्री अणसी देवी समाधि स्थल पर आयोजित मेले के उदघाटन समारोह को मुख्य अतिथि के रूप में सम्बोधित कर रहे थे।
सूचना एवं जन सम्पर्क राज्य मंत्री ने कहा कि लोक देवताओं संत महात्माओं ने समाज को एक सूत्र में बांधने के, विकास की राह पर लेे जाने के प्रयास किए, राज्य सरकार भी जनकल्याण की भावना को सर्वोपरि रखते हुए कार्य कर रही है। दो वर्ष के कार्यकाल में सरकार ने ऐसी अनेक कल्याणकारी योजनाएं जनता को समर्पित की हैं जिनसे कमजोर, जरूरतमंद लोग लाभान्वित हो रहे हैं। उन्होंने आह्वान किया कि आमजन को सरकार की इन योजनाओं के प्रति जागरूक रहकर स्वयं एवं सामाजिक विकास में सहयोग करना चाहिये।
उन्होंने बताया कि छात्रवृति की राशि में वृद्घि, बीपीएल एवं स्टेट बीपीएल को सस्ता अनाज, पालनहार योजना का दायरा बढ़ाना, भरण पोषण कानून आदि को लागू करना सरकार की जन कल्याणकारी भावना की ही परिचायक है। इनके अलावा गरीब, बेसहारा, जरूरतमंद लोगों की चौखट पर प्रशासन को पहुंचाने का अभियान 'प्रशासन गांवों के संग के जरिये मुख्यमंत्री ने राहत और विकास की गंगा गांव-गांव तक पहुंचा दी है। उन्होंने इन शिविरों का अधिकाधिक लाभ उठाने का आह्वान किया।
उन्होंने अणसी बाई को नमन करते हुए आयोजनों एवं क्षेत्र वासियों को इस परम्परा को संजोए रखने के लिये साधुवाद दिया। इस अवसर पर सूचना एवं जन सम्पर्क राज्य मंत्री का कार्यक्रम आयोजकोंं द्वारा अभिनंदन किया गया। राज्यमंत्री ने मंदिर के पुजारी श्री हरजीराम एवं डॉ.पी.सी.दीपन का अभिनंदन किया।
समारोह की अध्यक्षता जिला प्रमुख श्री खुशवीरसिंह ने की। विशिष्ट अतिथि , विधायक सोजत श्रीमती संजना आगरी, अम्बेडकर संस्थान के श्री हरिनारायण, पाली की प्रधान श्रीमती शोभा, बाली की प्रधान श्रीमती गुलाब कंवर, सरपंच सुश्री मनीषा मेघवाल सहित अन्य जन प्रतिनिधि एवं क्षेत्र के गणमान्य लोग मौजूद थे।
इस धार्मिक कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्घालु उमड़े। देर रात तक चली भजन संध्या का श्रद्घालुओंं ने आनंद लिया।
आरंभ में अणसी बाई विकास संस्थान के अध्यक्ष श्री रूपाराम धणदे, कार्यक्रम संयोजक श्री कन्हैयालाल परिहार, महासचिव डॉ.पी.सी.दीपन एवं अन्य पदाधिकारियों ने अतिथियों का बहुमान किया। इससे पहले राज्यमंत्री श्री बैरवा ने बाल तपस्विनी अणसीबाई समाधि स्थल एवं बाबा रामदेव मंदिर के दर्शन किये।
Link- http://www.dipronline.org/photo/40519N-7-12-M2010-4_web.htm
प्रेस नोट
जयपुर,7 दिसम्बर। सूचना एवं जन सम्पर्क राज्य मंत्री श्री अशोक बैरवा ने आव्हान किया है कि संत-महात्माओं द्वारा दिए गए संदेश को जीवन में धारण करते हुए समाज में समरसता के सूत्रों को और मजबूती दें। उन्होंने कहा कि लोक अंचल के मेले-पर्व समाज को प्रेम-भाईचारे की डोर मेंं बांधने मैं अहम भूमिका निभाते हैं।
श्री बैरवा सोमवार की रात्रि को पाली जिले के नाडोल में बाल तपस्विनी श्री अणसी देवी समाधि स्थल पर आयोजित मेले के उदघाटन समारोह को मुख्य अतिथि के रूप में सम्बोधित कर रहे थे।
सूचना एवं जन सम्पर्क राज्य मंत्री ने कहा कि लोक देवताओं संत महात्माओं ने समाज को एक सूत्र में बांधने के, विकास की राह पर लेे जाने के प्रयास किए, राज्य सरकार भी जनकल्याण की भावना को सर्वोपरि रखते हुए कार्य कर रही है। दो वर्ष के कार्यकाल में सरकार ने ऐसी अनेक कल्याणकारी योजनाएं जनता को समर्पित की हैं जिनसे कमजोर, जरूरतमंद लोग लाभान्वित हो रहे हैं। उन्होंने आह्वान किया कि आमजन को सरकार की इन योजनाओं के प्रति जागरूक रहकर स्वयं एवं सामाजिक विकास में सहयोग करना चाहिये।
उन्होंने बताया कि छात्रवृति की राशि में वृद्घि, बीपीएल एवं स्टेट बीपीएल को सस्ता अनाज, पालनहार योजना का दायरा बढ़ाना, भरण पोषण कानून आदि को लागू करना सरकार की जन कल्याणकारी भावना की ही परिचायक है। इनके अलावा गरीब, बेसहारा, जरूरतमंद लोगों की चौखट पर प्रशासन को पहुंचाने का अभियान 'प्रशासन गांवों के संग के जरिये मुख्यमंत्री ने राहत और विकास की गंगा गांव-गांव तक पहुंचा दी है। उन्होंने इन शिविरों का अधिकाधिक लाभ उठाने का आह्वान किया।
उन्होंने अणसी बाई को नमन करते हुए आयोजनों एवं क्षेत्र वासियों को इस परम्परा को संजोए रखने के लिये साधुवाद दिया। इस अवसर पर सूचना एवं जन सम्पर्क राज्य मंत्री का कार्यक्रम आयोजकोंं द्वारा अभिनंदन किया गया। राज्यमंत्री ने मंदिर के पुजारी श्री हरजीराम एवं डॉ.पी.सी.दीपन का अभिनंदन किया।
समारोह की अध्यक्षता जिला प्रमुख श्री खुशवीरसिंह ने की। विशिष्ट अतिथि , विधायक सोजत श्रीमती संजना आगरी, अम्बेडकर संस्थान के श्री हरिनारायण, पाली की प्रधान श्रीमती शोभा, बाली की प्रधान श्रीमती गुलाब कंवर, सरपंच सुश्री मनीषा मेघवाल सहित अन्य जन प्रतिनिधि एवं क्षेत्र के गणमान्य लोग मौजूद थे।
इस धार्मिक कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्घालु उमड़े। देर रात तक चली भजन संध्या का श्रद्घालुओंं ने आनंद लिया।
आरंभ में अणसी बाई विकास संस्थान के अध्यक्ष श्री रूपाराम धणदे, कार्यक्रम संयोजक श्री कन्हैयालाल परिहार, महासचिव डॉ.पी.सी.दीपन एवं अन्य पदाधिकारियों ने अतिथियों का बहुमान किया। इससे पहले राज्यमंत्री श्री बैरवा ने बाल तपस्विनी अणसीबाई समाधि स्थल एवं बाबा रामदेव मंदिर के दर्शन किये।
Link- http://www.dipronline.org/photo/40519N-7-12-M2010-4_web.htm
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