साभार-दैनिक भास्कर
प्रकाशन तिथि-01:29(07/02/11)
झुंझुनूं
मेघवंशीय समाज चेतना संस्थान के संस्थापक स्व. बीएल चिराणियां के 56वें जन्मदिवस पर रविवार को आम्बेडकर भवन में मेघवाल महासम्मेलन का आयोजन किया गया। समारोह के मुख्य अतिथि शिक्षा मंत्री मास्टर भंवरलाल मेघवाल थे। उन्होंने कहा कि अगर हम समाज की तरक्की चाहते हैं तो समाज में फैली कुरीतियों को छोडऩा होगा। उन्होंने विश्वास दिलाया कि मेघवाल समाज के हितों को सुरक्षित रखा जाएगा। शिक्षा मंत्री ने समाज के लोगों से एकजुट होकर आगे बढऩे का आह्वान किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता सेवानिवृत्त आईपीएस पीआर जेवरिया ने की। डीडी नोपाराम, सीआर प्रेमी, गुरुदयाल, डीईओ दीपचंद पंवार, कानाराम घुघरवाल, सुमन चिराणियां, रामेश्वरलाल कल्याण, प्रांतीय महासचिव मदनलाल दुदवाल बतौर विशिष्ट अतिथि मंचस्थ थे। समारोह में प्रतिभा सम्मान कार्यक्रम के तहत 57 विद्यार्थियों, रक्तदान के लिए 21 युवकों तथा विभिन्न क्षेत्रों विशिष्ट सेवाओं के लिए कवियों, लेखकों आदि का सम्मान किया गया। रामेश्वरलाल कल्याण, मदनलाल दुदवाल, रामनिवास भूरिया, भागीरथ नेमीवाल, सुरेश चितौसा, जोरावरसिंह, भाताराम, नोरंगलाल, राजेश हरिपुरा, रामेश्वरलाल सेवार्थी, बनेश्वरी आर्य, सहीराम तुंदवाल, प्यारेलाल, दयाराम आदि ने भी विचार व्यक्त किए। मेघवाल समाज के शिक्षकों ने चांदी का मुकुट व तलवार भेंटकर शिक्षामंत्री का स्वागत किया। महासम्मेलन में दूर-दराज से आए समाज के लोगों ने संकल्प लिया कि औरत के पार्थिव शरीर पर केवल एक ही चुनरी ओढ़ाएंगे। मुकाण में जाने वाली औरतें न तो कपड़ा लाएंगी और ना ही देंगी। टीका, समठुणी, छुछक में दी जाने वाली रकम का कोई दिखावा नहीं किया जाएगा और ना ही इसकी कोई घोषणा की जाएगी।
Link- http://www.bhaskar.com/article/RAJ-OTH-1183188-1825687.html
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मंगलवार, 8 फ़रवरी 2011
शुक्रवार, 14 जनवरी 2011
राजनीति में अपनाएं अणुव्रत का सिद्धांत
तेरापंथ भवन में अणुव्रत संसदीय मंच के राष्ट्रीय संयोजक एवं बीकानेर सांसद अर्जुनराम मेघवाल ने कहा
साभार-दैनिक नवज्योति
प्रकाशन तिथि-10 Jan 2011 04:16
बीकानेर
सांसद अर्जुनराम मेघवाल ने कहा कि राजनीति में अणुव्रत का सिद्धांत स्थापित करने के प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अपने क्षेत्र के लोगों समस्याओं के समाधान करने की कोशिश में जुटे हैं। वे गुवाहटी में आयोजित अपने अभिनंदन समारोह में बोल रहे थे। उन्होंने भरोसा दिलाया कि इस वर्ष में वे लगभग 50 सांसदों को अणुव्रत संसदीय मंच जोड़ेंगे। इस दौरान प्रवासी राजस्थानियों ने उनसे दिल्ली-बीकानेर, गुहावटी बीकानेर के मध्य ज्याद रेलगाड़ियां चलाने, बीकानेर को शीघ्र हवाई सेवा का लाभ दिलाने का निवेदन किया। सांसद ने सभी राजस्थानियों की भवनाओं की कद्र का भरोसा दिलाया। गुवाहटी के तेरापंथ भवन में अणुव्रत संसदीय मंच के राष्ट्रीय संयोजक एवं बीकानेर सांसद होने के नाते अर्जुनराम मेघवाल का लगभग 30 सामाजिक संस्थाएं एवं व्यपारिक संगठनों की ओर से अभिनंदन किया गया। कार्यक्रम के आगज में मंजू भंसाली एवं सुनीता गुजराती के मंगलाचरण से हुआ। तेरापंथी सभा के पूर्व मंत्री विजय सिंह डागा ने सांसद का परिचय पढ़ा। अभिनंदन समारोह में श्री जैन श्वेताम्बर तेरापंथी सभा, तेरापंथ महिला मंडल, तेरापंथ युवक परिषद, अणुव्रत समिति, मारवाड़ी सम्मेलन, श्री गुहावटी गौशाला, नोखा नागरिक परिषद, साधुमार्गी जैन श्रावक संघ, समता महिला समिति, समता युवा संघ, गुवाहटी सेन्टिरी हार्डवेयर मचेन्टस, आसाम चैम्बर आॅफ इंटर स्टेट, आसाम वैद्यनाथ कावड़िया सेवा समिति, मारवाड़ी युवा मंच, जैन श्वेताम्बर मंदिर मार्गी सघ, तोलाराम बाफना आर्टिफिसीयन लिम्स एंड केलीयर सेन्टर सहित अनेक संगठन शामिल थे। इस मौके पर तेरापंथ महिला मंडल की रंजू बरड़िय, तेरापंथ युवक परिषद के अध्यक्ष रमेश जम्मड़ एवं अणुव्रत समिति के मंत्री निर्मल सामसुखा, अखिल भारतीय विप्र महासभा के उपाध्यक्ष कन्हैयाला सारस्वत, सुदीप बैद, राजेश जैन, दिलीप कुमार लाटा, महावीर सारस्वत आदि अनेक गणमान्य लोग उपस्थित थे।
साभार-दैनिक नवज्योति
प्रकाशन तिथि-10 Jan 2011 04:16
बीकानेर
सांसद अर्जुनराम मेघवाल ने कहा कि राजनीति में अणुव्रत का सिद्धांत स्थापित करने के प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अपने क्षेत्र के लोगों समस्याओं के समाधान करने की कोशिश में जुटे हैं। वे गुवाहटी में आयोजित अपने अभिनंदन समारोह में बोल रहे थे। उन्होंने भरोसा दिलाया कि इस वर्ष में वे लगभग 50 सांसदों को अणुव्रत संसदीय मंच जोड़ेंगे। इस दौरान प्रवासी राजस्थानियों ने उनसे दिल्ली-बीकानेर, गुहावटी बीकानेर के मध्य ज्याद रेलगाड़ियां चलाने, बीकानेर को शीघ्र हवाई सेवा का लाभ दिलाने का निवेदन किया। सांसद ने सभी राजस्थानियों की भवनाओं की कद्र का भरोसा दिलाया। गुवाहटी के तेरापंथ भवन में अणुव्रत संसदीय मंच के राष्ट्रीय संयोजक एवं बीकानेर सांसद होने के नाते अर्जुनराम मेघवाल का लगभग 30 सामाजिक संस्थाएं एवं व्यपारिक संगठनों की ओर से अभिनंदन किया गया। कार्यक्रम के आगज में मंजू भंसाली एवं सुनीता गुजराती के मंगलाचरण से हुआ। तेरापंथी सभा के पूर्व मंत्री विजय सिंह डागा ने सांसद का परिचय पढ़ा। अभिनंदन समारोह में श्री जैन श्वेताम्बर तेरापंथी सभा, तेरापंथ महिला मंडल, तेरापंथ युवक परिषद, अणुव्रत समिति, मारवाड़ी सम्मेलन, श्री गुहावटी गौशाला, नोखा नागरिक परिषद, साधुमार्गी जैन श्रावक संघ, समता महिला समिति, समता युवा संघ, गुवाहटी सेन्टिरी हार्डवेयर मचेन्टस, आसाम चैम्बर आॅफ इंटर स्टेट, आसाम वैद्यनाथ कावड़िया सेवा समिति, मारवाड़ी युवा मंच, जैन श्वेताम्बर मंदिर मार्गी सघ, तोलाराम बाफना आर्टिफिसीयन लिम्स एंड केलीयर सेन्टर सहित अनेक संगठन शामिल थे। इस मौके पर तेरापंथ महिला मंडल की रंजू बरड़िय, तेरापंथ युवक परिषद के अध्यक्ष रमेश जम्मड़ एवं अणुव्रत समिति के मंत्री निर्मल सामसुखा, अखिल भारतीय विप्र महासभा के उपाध्यक्ष कन्हैयाला सारस्वत, सुदीप बैद, राजेश जैन, दिलीप कुमार लाटा, महावीर सारस्वत आदि अनेक गणमान्य लोग उपस्थित थे।
गुरुवार, 13 जनवरी 2011
"शिक्षामंत्री पद कांटों भरा ताज"
मेघवाल समाज निर्देशिका का विमोचन एवं प्रतिभा समान समारोह
साभार-राजस्थान पत्रिका
प्रकाशन तिथि-Jan 12, 2011
उदयपुर
शिक्षामंत्री का पद काटों का ताज है लेकिन इस पद पर काम करते हुए पिछले दो सालों में शिक्षा विभाग में जितने परिवर्तन हुए हैं वह किसी भी शिक्षामंत्री के कार्यकाल में नहीं हुए। यह विचार शिक्षामंत्री भंवरलाल मेघवाल ने रविवार को देवाली में आयोजित मेघवाल समाज निर्देशिका के विमोचन एवं प्रतिभा समान समारोह में व्यक्त किए ।
उन्होंने दोहराया कि शीघ्र ही तृतीय, द्वितीय श्रेणी सहित शिक्षा विभाग में करीब 75 हजार से अधिक भर्तियां होने जा रहीं हैं। पूर्व केन्द्रीय मंत्री कैलाश मेघवाल ने कहा कि मंजिल प्राप्ति के लिए किसी भी वर्ग को संगठित होकर आगे बढ़ना होगा। इस अवसर पर अतिथियों ने निर्देशिका का विमोचन किया व विभिन्न प्रतिभाओं को सम्मानित किया। समारोह को भीलवाड़ा जिला प्रमुख सुशीला सालवी, राजसमंद के पूर्व विधायक बंशीलाल गहलोत, पूर्व विधायक त्रिलोक पूर्बिया, समाजसेवी शंकरलाल यादव (डूंगरपुर) ने भी संबोधित किया।
लिंक-http://www.patrika.com/news.aspx?id=510227
साभार-राजस्थान पत्रिका
प्रकाशन तिथि-Jan 12, 2011
उदयपुर
शिक्षामंत्री का पद काटों का ताज है लेकिन इस पद पर काम करते हुए पिछले दो सालों में शिक्षा विभाग में जितने परिवर्तन हुए हैं वह किसी भी शिक्षामंत्री के कार्यकाल में नहीं हुए। यह विचार शिक्षामंत्री भंवरलाल मेघवाल ने रविवार को देवाली में आयोजित मेघवाल समाज निर्देशिका के विमोचन एवं प्रतिभा समान समारोह में व्यक्त किए ।
उन्होंने दोहराया कि शीघ्र ही तृतीय, द्वितीय श्रेणी सहित शिक्षा विभाग में करीब 75 हजार से अधिक भर्तियां होने जा रहीं हैं। पूर्व केन्द्रीय मंत्री कैलाश मेघवाल ने कहा कि मंजिल प्राप्ति के लिए किसी भी वर्ग को संगठित होकर आगे बढ़ना होगा। इस अवसर पर अतिथियों ने निर्देशिका का विमोचन किया व विभिन्न प्रतिभाओं को सम्मानित किया। समारोह को भीलवाड़ा जिला प्रमुख सुशीला सालवी, राजसमंद के पूर्व विधायक बंशीलाल गहलोत, पूर्व विधायक त्रिलोक पूर्बिया, समाजसेवी शंकरलाल यादव (डूंगरपुर) ने भी संबोधित किया।
लिंक-http://www.patrika.com/news.aspx?id=510227
गुरुवार, 16 दिसंबर 2010
शिक्षामंत्री राष्ट्रीय गौरव पुरस्कार से सम्मानित
साभार- सूचना एवं जनसंपर्क विभाग,राजस्थान
प्रेस नोट
नई दिल्ली,14 दिसम्बर। शिक्षा मंत्री मास्टर भंवर लाल मेघवाल को राष्ट्रीय गौरव पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। मेघवाल को यह पुरस्कार शिक्षा के क्षेत्र में उनके द्वारा किए गए उल्लेखनीय कार्यो के लिए प्रदान किया गया है।
मेघवाल को यह पुरस्कार मंगलवार की सांय नई दिल्ली के कांस्ट्टीयूशन क्लब में इंडिया इंटरनेशनल फ्रैंडशिप सोसाईटी द्वारा आयोजित एक समारोह में प्रदान किया गया। मेघवाल को यह पुरस्कार पूर्व केन्द्रीय मंत्री एवं राज्यपाल श्री भीष्म नारायण सिंह ने प्रदान किया। इस अवसर पर सांसद डॉं. प्रभा ठाकुर भी उपस्थित थी। इस अवसर पर मेघवाल ने बताया कि शिक्षा क्षेत्र को बेहतर बनाने के लिए प्रदेश में शिक्षा विभाग में 27 हजार कार्मिकों की रिकार्ड पदोन्नति की गई। उन्होंने बताया कि राजस्थान में विद्यालयों का एकीकरण करने के लिए 2498 विद्यालयों को अन्य विद्यालयों में मर्ज किया गया। उन्होंने बताया कि शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए 13 हजार 300 पदों की भर्ती प्रक्रिया आर.पी.एस.सी. स्तर पर प्रक्रियाधीन है। इसके अतिरिक्त कुल 25 हजार 271 शिक्षकों का समानीकरण किया गया है। मेघवाल ने बताया कि प्रदेश में शिक्षा का स्तर प्रभावी बनाने के लिए शैक्षणिक सत्र 2010-2011 से ही कक्षा नवीं एवं ग्यारहवीं में एन.सी.ई.आर.टी. का पाठ्यक्रम लागू कर दिया गया है। इसके अतिरिक्त आगामी सत्र में यह पाठ्यक्रम कक्षा छठी से बारहवीं तक लागू कर दिया जाएगा।
Link- http://dipronline.org/photo/40526N-14-12-M2010-12_web.htm
प्रेस नोट
नई दिल्ली,14 दिसम्बर। शिक्षा मंत्री मास्टर भंवर लाल मेघवाल को राष्ट्रीय गौरव पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। मेघवाल को यह पुरस्कार शिक्षा के क्षेत्र में उनके द्वारा किए गए उल्लेखनीय कार्यो के लिए प्रदान किया गया है।
मेघवाल को यह पुरस्कार मंगलवार की सांय नई दिल्ली के कांस्ट्टीयूशन क्लब में इंडिया इंटरनेशनल फ्रैंडशिप सोसाईटी द्वारा आयोजित एक समारोह में प्रदान किया गया। मेघवाल को यह पुरस्कार पूर्व केन्द्रीय मंत्री एवं राज्यपाल श्री भीष्म नारायण सिंह ने प्रदान किया। इस अवसर पर सांसद डॉं. प्रभा ठाकुर भी उपस्थित थी। इस अवसर पर मेघवाल ने बताया कि शिक्षा क्षेत्र को बेहतर बनाने के लिए प्रदेश में शिक्षा विभाग में 27 हजार कार्मिकों की रिकार्ड पदोन्नति की गई। उन्होंने बताया कि राजस्थान में विद्यालयों का एकीकरण करने के लिए 2498 विद्यालयों को अन्य विद्यालयों में मर्ज किया गया। उन्होंने बताया कि शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए 13 हजार 300 पदों की भर्ती प्रक्रिया आर.पी.एस.सी. स्तर पर प्रक्रियाधीन है। इसके अतिरिक्त कुल 25 हजार 271 शिक्षकों का समानीकरण किया गया है। मेघवाल ने बताया कि प्रदेश में शिक्षा का स्तर प्रभावी बनाने के लिए शैक्षणिक सत्र 2010-2011 से ही कक्षा नवीं एवं ग्यारहवीं में एन.सी.ई.आर.टी. का पाठ्यक्रम लागू कर दिया गया है। इसके अतिरिक्त आगामी सत्र में यह पाठ्यक्रम कक्षा छठी से बारहवीं तक लागू कर दिया जाएगा।
Link- http://dipronline.org/photo/40526N-14-12-M2010-12_web.htm
मंगलवार, 30 नवंबर 2010
कुरीतियों के खिलाफ करें संघर्ष: मेघवाल
साभार-राजस्थान पत्रिका
Monday, 22 Nov 2010 11:16:13 hrs IST
सादुलपुर। निर्माणधीन दलित छात्रावास प्रांगण में रविवार को हुए दलित समाज सम्मान समारोह में जिले भर से आए समाज के लोगों ने समाज के विकास में भागीदारी निभाने का संकल्प किया।
कार्यक्रम में भामाशाह हरिसिंह चाहर ने चार दिवारी निर्माण का शिलान्यास किया। बीकानेर के सांसद अर्जुन मेघवाल ने कहा कि डा.भीमराव अम्बेडकर के आदर्श और सिद्धान्तों को अपनानकर तथा समाज में व्याप्त बुराइयों के खिलाफ जन जागरूकता अभियान चलाकर समाज के विकास में भागीदारी निभाने की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि आजादी के बाद से आज तक दलित समाज को हक और अघिकारों के लिए संघर्ष करना पड़ता है। जिसका मुख्य कारण अशिक्षा तथा प्रभावशाली लोगों का दवाब है। मेघवाल ने कहा कि समाज को जो हथियार बाबा साहेब ने प्रदान किया है उसे कभी काम में ही नहीं लिया गया। यही कारण है कि समाज विकास की बजाय उपेक्षित है। भामाशाह हरिसिंह चाहर ने दलित छात्रावास की चार दिवारी निर्माण में ढाई लाख रूपए की सहायता तथा दो कमरे मय बरामदा निर्माण करने की घोषणा की।
भामाशाह हाजी अलीशेर कुरैशी ने भी मदद का आश्वासन दिया।
एडीएम बीएल मेहरड़ा, नगरपालिका अध्यक्ष नन्दकिशोर मरोदिया, सहायक अभियंता शादीराम गोठवाल, जिप सदस्य निर्मला सिंघल, काशीराम मेघवाल, डा. जय लखटकिया, डा. मोहनलाल मीणा, विनोद चावरिया, केएल घुंघरवाल, बाबूलाल खटीक, एसआर माहिच, पालाराम जिन्दल, बनवारीलाल मीणा, महासिंह नायक तथा हजारीलाल इन्दौरा आदि ने भी विचार व्यक्त किए।
सुखदेवाराम ने कमरा निर्माण, तनपुरा के सरपंच सुभाष सूडा ने 21 हजार, ताराचन्द गोठवाल ने 11 हजार, रामकिशन गोठवाल 51 सौ तथा धर्मपाल बालानिया एवं दयानन्द बालानिया ने 21 हजार रूपए छात्रावास निर्माण में देने की घोषणा की। कार्यक्रम में सांसद मेघवाल की धर्मपत्नी कान्हादेवी का अभिनन्दन किया गया। भामाशाह चाहर को लड्डूओं से तोला गया। कार्यक्रम का संचालन समाजसेवी ओमप्रकाश हमीरवास ने किया।
लिंक-www.rajasthanpatrika.com/news/Churu/11222010/.../81665
Monday, 22 Nov 2010 11:16:13 hrs IST
सादुलपुर। निर्माणधीन दलित छात्रावास प्रांगण में रविवार को हुए दलित समाज सम्मान समारोह में जिले भर से आए समाज के लोगों ने समाज के विकास में भागीदारी निभाने का संकल्प किया।
कार्यक्रम में भामाशाह हरिसिंह चाहर ने चार दिवारी निर्माण का शिलान्यास किया। बीकानेर के सांसद अर्जुन मेघवाल ने कहा कि डा.भीमराव अम्बेडकर के आदर्श और सिद्धान्तों को अपनानकर तथा समाज में व्याप्त बुराइयों के खिलाफ जन जागरूकता अभियान चलाकर समाज के विकास में भागीदारी निभाने की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि आजादी के बाद से आज तक दलित समाज को हक और अघिकारों के लिए संघर्ष करना पड़ता है। जिसका मुख्य कारण अशिक्षा तथा प्रभावशाली लोगों का दवाब है। मेघवाल ने कहा कि समाज को जो हथियार बाबा साहेब ने प्रदान किया है उसे कभी काम में ही नहीं लिया गया। यही कारण है कि समाज विकास की बजाय उपेक्षित है। भामाशाह हरिसिंह चाहर ने दलित छात्रावास की चार दिवारी निर्माण में ढाई लाख रूपए की सहायता तथा दो कमरे मय बरामदा निर्माण करने की घोषणा की।
भामाशाह हाजी अलीशेर कुरैशी ने भी मदद का आश्वासन दिया।
एडीएम बीएल मेहरड़ा, नगरपालिका अध्यक्ष नन्दकिशोर मरोदिया, सहायक अभियंता शादीराम गोठवाल, जिप सदस्य निर्मला सिंघल, काशीराम मेघवाल, डा. जय लखटकिया, डा. मोहनलाल मीणा, विनोद चावरिया, केएल घुंघरवाल, बाबूलाल खटीक, एसआर माहिच, पालाराम जिन्दल, बनवारीलाल मीणा, महासिंह नायक तथा हजारीलाल इन्दौरा आदि ने भी विचार व्यक्त किए।
सुखदेवाराम ने कमरा निर्माण, तनपुरा के सरपंच सुभाष सूडा ने 21 हजार, ताराचन्द गोठवाल ने 11 हजार, रामकिशन गोठवाल 51 सौ तथा धर्मपाल बालानिया एवं दयानन्द बालानिया ने 21 हजार रूपए छात्रावास निर्माण में देने की घोषणा की। कार्यक्रम में सांसद मेघवाल की धर्मपत्नी कान्हादेवी का अभिनन्दन किया गया। भामाशाह चाहर को लड्डूओं से तोला गया। कार्यक्रम का संचालन समाजसेवी ओमप्रकाश हमीरवास ने किया।
लिंक-www.rajasthanpatrika.com/news/Churu/11222010/.../81665
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