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बुधवार, 30 नवंबर 2011

मेघ महाकुंभ में किया मेघवंशियों से एकजुट होने का आह्वान


छोटी चौपड़ से निकला मेघसेना का फ्लैग मार्च

Source: dainik bhaskar,jaipur   |
date 17:56(27/11/11)
जयपुर।


महाकुंभ के मौके पर सुबह छोटी चौपड़ से मेघसेना की ओर से फ्लैग मार्च निकला। इस दौरान पूरा वातावरण मेघवंश के जयघोष से गूंज उठा। बड़ी संख्या में समाज के लोग जो मेघवंश की बात करेगा, वही देश में राज करेगा...जैसे नारे लगाते हुए रवाना हुए।
वहीं पोस्टर-बैनर लिए समाजबंधु संजय सर्किल, संसार चंद्र रोड, भगवानदास रोड, बाईस गोदाम होकर अमरूदों का बाग पहुंचे। इस बीच जगह-जगह पुष्पवर्षा कर जोरदार स्वागत किया गया।

फिर महाकुंभ शुरू हुआ। इसमें मेघवंश समाज के बिखरे हुए विभिन्न वर्गों से एकजुट होने का आह्वान किया गया। इसके साथ ही सरकार से मेघवंश कल्याण बोर्ड बनाने, अनुसूचित जाति व के आरक्षण में 16 से 17 प्रतिशत बढ़ाने, बुनकर वित्त व सहकारी निगम बनाकर अनुसूचित जाति का अध्यक्ष बनाए जाने सहित 11 सूत्री मांगे रखी गई।

यहां पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ.योगेंद्र मकवाना ने महाकुंभ का उद्घाटन किया। अध्यक्षता पूर्व केंद्रीय मंत्री कैलाश मेघवाल ने की। इस अवसर राष्ट्रीय अध्यक्ष गोपाल डेनवाल सहित कई पदाधिकारी मौजूद थे।

link- http://www.bhaskar.com/article/c-10-1354299-2596900.html

मंगलवार, 29 नवंबर 2011

कोट सोलंकियान में अलखजी पहाड़ी तक सड़क मंजूर

देसूरी।
29 नवम्बर 2011
देसूरी पंचायत समिति क्षेत्र के कोट सोलंकियान ग्राम में पहाड़ी पर स्थित मेघवाल समाज के आराध्य स्थल अलखजी मंदिर तक पहूंचने के लिए पुरानी पुलिस चौकी से सड़क बनेगी। इसके लिए जिला परिषद ने एमजीनरेगा के तहत तेरह लाख की राशी मंजूर की गई हैं।

      जिला परिषद सदस्य प्रमोदपाल सिंह मेघवाल ने बताया कि लम्बे समय से मेघवाल समाज इस स्थल पर आवागमन में होने वाली दिक्कतों को देखते हुए सड़क की मांग कर रहा था। जिसे मंजूर कर जिला प्रमुख खुशवीरसिंह ने इस मांग को पूरा कर दिया हैं। उन्होंने बताया कि इस कार्य में साढ़े दस लाख रूपए सामग्री मद एवं ढ़ाई लाख रूपए श्रम मद में खर्च होगें।

      इधर, कोट सोलंकियान में सोमवार को आयोजित मेघवाल समाज की बैठक में इस स्वीकृति पर प्रसन्नता प्रकट करते हुए इसके लिए मेघवाल समाज ने जिला प्रमुख खुशवीरसिंह का आभार प्रकट किया और इस निर्माण कार्य दिसम्बर माह के दूसरे पखवाड़े में धार्मिक विधि विधान एवं समारोह पूर्वक शुरू कराने का निर्णय लिया। मेघवाल समाज ने कहा कि जिला प्रमुख ने इससे पहले क्षेत्र के ढ़ालोप में रघुनाथपीर आश्रम की ओरण की चारदिवारी निर्माण की स्वीकृति एवं शोभावास में रघुनाथपीर बगेची तक ड़ामर सड़क निर्माण करवा कर मेघवाल समाज के हित में उल्लेखनीय कार्य किए हैं।

सोमवार, 19 सितंबर 2011

...सांप चल बसा, नेता हंसता रहा

-सांसद अर्जुन ने चलाए 'तीर' साभार- सांध्य बॉर्डर टाइम्स प्रकाशन तिथि- 19 September 2011 पीलीबंगा। 'एक बार एक सांप ने एक नेता को डसा, सांप चल बसा, नेता हंसता रहा' सांसद एवं अणुव्रत संसदीय मंच के राष्ट्रीय संयोजक अर्जुन मेघवाल ने कुछ ऐसी पंक्तियों के साथ राजनीति में घटती नैतिकता पर 'तीर' चलाए। साध्वीश्री सोमलता के सान्निध्य में रविवार को हुए जैन श्वेताम्बर तेरापंथी आंचलिक श्रावक सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में उन्होंने कहा कि जन प्रतिनिधियों में नैतिकता बहुत जरूरी है। लोकपाल कमेटी के सदस्य मेघवाल ने सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे का कई बार जिक्र किया। चाणक्य एवं तेरापंथ धर्म संघ को शिखर पर ले जाने वाले आचार्यश्री तुलसी का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि देश की गौरवशाली परम्परा रही है लेकिन भ्रष्टाचार एवं अनैतिकता के कारण शर्म भी आती है। नहीं चलाएं खोटी चवन्नी खोटी बात में प्रतिस्पर्धा को चिंताजनक बतातेे हुए उन्होंने रेलगाड़ी में एक नेता और एक अधिकारी के साथ सफर का किस्सा भी सुनाया। उन्होंने ठहाकों के बीच कहा कि सारे नेता एक जैसे नहीं होते। मेघवाल ने जोर देकर कहा कि वे टेलीफोन ऑपरेटर से कलक्टर और अब देश की सबसे बड़ी पंचायत में प्रतिनिधित्व करने वाले सांसद बन गए हैं परंतु उनका शुद्ध-सात्विक आचरण से काम करने का प्रण है। शक्ति का संतुलन जरूरी शक्ति के संतुलन को जरूरी बताते हुए मेघवाल ने कहा कि इसके बिना परिणाम अपेक्षित नहीं मिलते। वे लोकपाल बिल संबंधी कमेटी में अणुव्रत की चर्चा अवश्य करेगे। अणुव्रत के माध्यम से समाज को सही दिशा मिल सकती है। उन्होंने कहा कि नेताओं को राजधानी पसंद है। गुरु के प्रति समर्पण को आवश्यक बताते हुए मेघवाल ने 'अब सौंप दिया इस जीवन का सब भार तुम्हारे हाथों में...' गीत भी सुनाया। यह है अनूठी स्कीम सांसद ने अपनी अनूठी स्कीम का जिक्र करते हुए कहा कि लोकसभा की कार्रवाई देखने के इच्छुक उनके मोबाइल नम्बर पर सम्पर्क कर दिल्ली आ सकते हैं। वे उन्हें ठहराएंगे, खाना खिलाएंगे, दिल्ली दर्शन करवाएंगे लेकिन भाड़ा उनको खुद भुगतना होगा। संसद में 12 रुपए की खाने की थाली के बारे में उन्होंने कहा कि एक सज्जन आए और बोले कि यह वही थाली है क्या, जिसे खाकर नेता मोटे हो रहे हैं। link- http://www.sandhyabordertimes.com/index.php?option=com_content&view=article&id=7423:2011-09-19-09-32-08&catid=54:sriganganagar&Itemid=89

शुक्रवार, 2 सितंबर 2011

अर्जुन मेघवाल संसदीय समिति में शामिल

साभार- सांध्य बॉर्डर टाइम्स
प्रकाशन तिथि- 01 September 2011



श्री गंगानगर।
बीकानेर के सांसद अर्जुनराम मेघवाल लोकपाल बिल से संबंधित महत्वपूर्ण संसदीय समिति में सदस्य के रूप में लिए गए हैं। उन्होंने गुरुवार को 'सांध्य बॉर्डर टाइम्स' से बातचीत में कहा कि वे समिति की 7 सितम्बर को होने वाली बैठक में अपनी बेबाक राय देंगे। उनकी कोशिश रहेगी कि जनभावना को पूरा सम्मान मिले। भारतीय प्रशासनिक सेवा के वरिष्ठ अधिकारी एवं चूरू जिला कलक्टर रहे मेघवाल श्रीगंगानगर में जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक भी रह चुके हैं। संसद में अपनी सक्रियता के लिए विशिष्ट पहचान रखने और इसके चलते श्रेष्ठ सांसद का सम्मान हासिल करने वाले मेघवाल का कहना था कि सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे ने भ्रष्टाचार के खिलाफ शुरू किए गए आंदोलन के माध्यम से समाज को दिशा दी है। उन्होंने बताया कि संसदीय समिति का सदस्य बनने के बाद उनके पास अमेरिका से भी एसएमएस आया है। वे लोगों की इस बारे में राय जान रहे हैं और सदा की तरह यही कोशिश रहेगी कि जन भावनाओं को प्रभावी ढंग से आगे तक पहुंचाया जाए।
उल्लेखनीय है कि अन्ना हजारे पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाने वाले कांग्रेस के प्रवक्ता मनीष तिवारी लोकपाल बिल पर विचार करने वाली संसदीय समिति से हट गए हैं। कानून एवं न्याय मामलों की स्थाई समिति का कार्यकाल बुधवार को ही समाप्त हुआ है, अभिषेक मनु सिंघवी इसके अध्यक्ष बने रहेंगे। भाजपा अपने दो सदस्यों डीबी चंद्रगौड़ा एवं हरेन पाठक को समिति में बनाए रखेगी। बीकानेर के सांसद अर्जुनराम मेघवाल के अलावा सांसद कीर्ति आजाद को और शामिल किया गया है। बाल आप्टे एवं राम जेठमलानी भी इसमें बने रहेंगे।

link- http://www.sandhyabordertimes.com/index.php?option=com_content&view=article&id=6738:2011-09-01-10-07-39&catid=54:sriganganagar&Itemid=89

शुक्रवार, 14 जनवरी 2011

राजनीति में अपनाएं अणुव्रत का सिद्धांत

तेरापंथ भवन में अणुव्रत संसदीय मंच के राष्ट्रीय संयोजक एवं बीकानेर सांसद अर्जुनराम मेघवाल ने कहा
साभार-दैनिक नवज्योति
प्रकाशन तिथि-10 Jan 2011 04:16

बीकानेर
सांसद अर्जुनराम मेघवाल ने कहा कि राजनीति में अणुव्रत का सिद्धांत स्थापित करने के प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अपने क्षेत्र के लोगों समस्याओं के समाधान करने की कोशिश में जुटे हैं। वे गुवाहटी में आयोजित अपने अभिनंदन समारोह में बोल रहे थे। उन्होंने भरोसा दिलाया कि इस वर्ष में वे लगभग 50 सांसदों को अणुव्रत संसदीय मंच जोड़ेंगे। इस दौरान प्रवासी राजस्थानियों ने उनसे दिल्ली-बीकानेर, गुहावटी बीकानेर के मध्य ज्याद रेलगाड़ियां चलाने, बीकानेर को शीघ्र हवाई सेवा का लाभ दिलाने का निवेदन किया। सांसद ने सभी राजस्थानियों की भवनाओं की कद्र का भरोसा दिलाया। गुवाहटी के तेरापंथ भवन में अणुव्रत संसदीय मंच के राष्ट्रीय संयोजक एवं बीकानेर सांसद होने के नाते अर्जुनराम मेघवाल का लगभग 30 सामाजिक संस्थाएं एवं व्यपारिक संगठनों की ओर से अभिनंदन किया गया। कार्यक्रम के आगज में मंजू भंसाली एवं सुनीता गुजराती के मंगलाचरण से हुआ। तेरापंथी सभा के पूर्व मंत्री विजय सिंह डागा ने सांसद का परिचय पढ़ा। अभिनंदन समारोह में श्री जैन श्वेताम्बर तेरापंथी सभा, तेरापंथ महिला मंडल, तेरापंथ युवक परिषद, अणुव्रत समिति, मारवाड़ी सम्मेलन, श्री गुहावटी गौशाला, नोखा नागरिक परिषद, साधुमार्गी जैन श्रावक संघ, समता महिला समिति, समता युवा संघ, गुवाहटी सेन्टिरी हार्डवेयर मचेन्टस, आसाम चैम्बर आॅफ इंटर स्टेट, आसाम वैद्यनाथ कावड़िया सेवा समिति, मारवाड़ी युवा मंच, जैन श्वेताम्बर मंदिर मार्गी सघ, तोलाराम बाफना आर्टिफिसीयन लिम्स एंड केलीयर सेन्टर सहित अनेक संगठन शामिल थे। इस मौके पर तेरापंथ महिला मंडल की रंजू बरड़िय, तेरापंथ युवक परिषद के अध्यक्ष रमेश जम्मड़ एवं अणुव्रत समिति के मंत्री निर्मल सामसुखा, अखिल भारतीय विप्र महासभा के उपाध्यक्ष कन्हैयाला सारस्वत, सुदीप बैद, राजेश जैन, दिलीप कुमार लाटा, महावीर सारस्वत आदि अनेक गणमान्य लोग उपस्थित थे।

गुरुवार, 13 जनवरी 2011

"शिक्षामंत्री पद कांटों भरा ताज"

मेघवाल समाज निर्देशिका का विमोचन एवं प्रतिभा समान समारोह
साभार-राजस्थान पत्रिका
प्रकाशन तिथि-Jan 12, 2011

उदयपुर
शिक्षामंत्री का पद काटों का ताज है लेकिन इस पद पर काम करते हुए पिछले दो सालों में शिक्षा विभाग में जितने परिवर्तन हुए हैं वह किसी भी शिक्षामंत्री के कार्यकाल में नहीं हुए। यह विचार शिक्षामंत्री भंवरलाल मेघवाल ने रविवार को देवाली में आयोजित मेघवाल समाज निर्देशिका के विमोचन एवं प्रतिभा समान समारोह में व्यक्त किए ।

उन्होंने दोहराया कि शीघ्र ही तृतीय, द्वितीय श्रेणी सहित शिक्षा विभाग में करीब 75 हजार से अधिक भर्तियां होने जा रहीं हैं। पूर्व केन्द्रीय मंत्री कैलाश मेघवाल ने कहा कि मंजिल प्राप्ति के लिए किसी भी वर्ग को संगठित होकर आगे बढ़ना होगा। इस अवसर पर अतिथियों ने निर्देशिका का विमोचन किया व विभिन्न प्रतिभाओं को सम्मानित किया। समारोह को भीलवाड़ा जिला प्रमुख सुशीला सालवी, राजसमंद के पूर्व विधायक बंशीलाल गहलोत, पूर्व विधायक त्रिलोक पूर्बिया, समाजसेवी शंकरलाल यादव (डूंगरपुर) ने भी संबोधित किया।

लिंक-http://www.patrika.com/news.aspx?id=510227

गुरुवार, 16 दिसंबर 2010

शिक्षामंत्री राष्ट्रीय गौरव पुरस्कार से सम्मानित

साभार- सूचना एवं जनसंपर्क विभाग,राजस्थान
प्रेस नोट

नई दिल्ली,14 दिसम्बर। शिक्षा मंत्री मास्टर भंवर लाल मेघवाल को राष्ट्रीय गौरव पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। मेघवाल को यह पुरस्कार शिक्षा के क्षेत्र में उनके द्वारा किए गए उल्लेखनीय कार्यो के लिए प्रदान किया गया है।
मेघवाल को यह पुरस्कार मंगलवार की सांय नई दिल्ली के कांस्ट्टीयूशन क्लब में इंडिया इंटरनेशनल फ्रैंडशिप सोसाईटी द्वारा आयोजित एक समारोह में प्रदान किया गया। मेघवाल को यह पुरस्कार पूर्व केन्द्रीय मंत्री एवं राज्यपाल श्री भीष्म नारायण सिंह ने प्रदान किया। इस अवसर पर सांसद डॉं. प्रभा ठाकुर भी उपस्थित थी। इस अवसर पर मेघवाल ने बताया कि शिक्षा क्षेत्र को बेहतर बनाने के लिए प्रदेश में शिक्षा विभाग में 27 हजार कार्मिकों की रिकार्ड पदोन्नति की गई। उन्होंने बताया कि राजस्थान में विद्यालयों का एकीकरण करने के लिए 2498 विद्यालयों को अन्य विद्यालयों में मर्ज किया गया। उन्होंने बताया कि शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए 13 हजार 300 पदों की भर्ती प्रक्रिया आर.पी.एस.सी. स्तर पर प्रक्रियाधीन है। इसके अतिरिक्त कुल 25 हजार 271 शिक्षकों का समानीकरण किया गया है। मेघवाल ने बताया कि प्रदेश में शिक्षा का स्तर प्रभावी बनाने के लिए शैक्षणिक सत्र 2010-2011 से ही कक्षा नवीं एवं ग्यारहवीं में एन.सी.ई.आर.टी. का पाठ्यक्रम लागू कर दिया गया है। इसके अतिरिक्त आगामी सत्र में यह पाठ्यक्रम कक्षा छठी से बारहवीं तक लागू कर दिया जाएगा।


Link- http://dipronline.org/photo/40526N-14-12-M2010-12_web.htm

शनिवार, 4 दिसंबर 2010

अनुसूचित जाति के भूमिहीनों को सरप्लस भूमि आबंटित की जाए

साभार-http://dipronline.org
2 दिसम्बर 2010

जयपुर। गंगानगर संसदीय क्षेत्र के सांसद श्री भरत राम मेघवाल ने केन्द्र सरकार से आग्रह किया हैं कि अनुसूचित जाति के भूमिहीन व्यक्तियों को देश में उपलब्ध सरप्लस भूमि का आबंटन किया जाए।

लोकसभा में नियम 377 के अन्तर्गत यह मामला उठाते हुए श्री मेघवाल ने बताया कि पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय श्रीमती इंदिरा गांधी के कार्यकाल में इस प्रकार भूमि आबंटन का कार्य हुआ था। जिसे आधार बनाकर पूरे देश में एक बार पुनः अनुसूचित जाति समुदाय के भूमिहीन व्यक्तियों के लिए एक विशेष भूमि आबंटन अभियान चलाया जाना चाहिए। जिससे देश में बेकार पड़ी भूमि का उपयोग किया जा सके। साथ ही देश में भूमिहीनों की संख्या को भी कम किया जा सकेगा।

उन्होंने सुझाव दिया कि सरप्लस भूमि आबंटन प्रक्रिया में इस बात का विशेष ध्यान रखा जाये कि भू-आबंटित व्यक्ति बिना किसी रोक-टोक के अपने खेतों तक आ जा सके। हर आबंटी को अपने खेत तक आने जाने के लिए आवश्यक पहुंच मार्ग भी दिया जाये।

श्री मेघवाल ने बताया कि उनके निर्वाचन क्षेत्र गंगानगर और अन्य स्थानों से अनुसूचित जाति समुदाय के व्यक्ति प्रायः शिकायत करते हैं कि हमें जो भूखण्ड आबंटित किए गए थे। वहां तक जाने के लिए आज भी पहुंच मार्ग की व्यवस्था नहीं है। दूसरे व्यक्तियों के खेतों में से अपने खेत तक जाने से संबंधित किसानों के झगड़े न्यायालयों में चल रहे है। जिन पर होने वाले भारी खर्च को वे वहन नहीं कर पाते और अंततः उस भूमि को त्यागने में ही अपना हित समझकर घर बैठे है।

श्री मेघवाल ने कहा कि इस संबंध में तथ्यों की वास्तविकता की जानकारी के लिए एक राष्ट्रव्यापी सर्वे अभियान चलाया जाये तथा हर खातेदार को अपने खेत तक जाने के लिए पहुंच मार्ग भी उपलब्ध कराया जाये। उन्होंने सुझाव दिया कि पूरे देश में जिला कलक्टर्स को इस समस्या का निदान करने के अधिकार दिये जाये तथा एक निश्चित समय सीमा में यह कार्य पूरा किये जाने की भी हिदायत दी जाये।


link- http://dipronline.org/photo/40514B-2-12M10-12_web.htm